Title:”पैसे की कदर, सुकून की बुनियाद”

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> “पैसा कमाना ज़रूरी है,
लेकिन उसे संभालना उससे भी बड़ा हुनर है।

जो थोड़ा सोचकर खर्च करता है,
वही आने वाले कल में बेफिक्र जीता है।

असली अमीरी बैंक में नहीं,
सुकून में होती है।”

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